गौरझामर 15अक्टूबर 2018
*देश धर्म की चिंता करना चाहिए*—

मुनि श्री
गौरझामर जिला सागर (मध्य प्रदेश) में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य
मुनि श्री विमल सागर जी
मुनि श्री अनंत सागर जी
मुनि श्री धर्म सागर जी
मुनि श्री अचल सागर जी
मुनि श्री अतुल सागर जी
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज के सानिध्य में श्री पारसनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर गौरझामर में करेली से आए पाठशाला के बच्चों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जिसके अंतर्गत
मूक माटी, हथकरघा, गौशाला, भारत बने भारत की शानदार प्रस्तुति दी धर्म सभा को संबोधित करते हुए यह मुनि श्री भाव सागर जी ने कहा कि मंदिर, गौशाला, पाठशाला में जो भी सहयोग देता है ।उनका सम्मान करना चाहिए क्योंकि सेवा करने वाले को हम क्या देते हैं जबकि वह कितना काम करते हैं पाठशाला संस्कारों के लिए सबसे अच्छा माध्यम है करेली में संयम कीर्ति स्तंभ बन गया है संयम की कीर्ति फैलेगी
मुनि श्री अतुल सागर जी ने कहा कि सौभाग्य शाली होते हैं जिनको गुरुओं का उपदेश मिलता है ।बच्चे राष्ट्र का भविष्य हैं। समाज की धरोहर हैं यदि हम उनकी नीव को मजबूत नहीं बनाएंगे तो वह कुसंस्कार के कारण समाज और राष्ट्र को बर्बाद कर देते हैं उन बच्चों में सत्य अहिंसा सहनशीलता सहयोग आदि भरने के लिए पाठशाला अच्छा माध्यम है। बच्चों के ऊपर टीवी के बुरे प्रभाव पड़ते हैं। पाठशाला में जो बाढ़ है उसको आचरण में लाने के लिए घर को प्रयोगशाला बनाएं। छोटे-छोटे बच्चों को मोबाइल दे देते हैं अपनी परेशानी से बचने के लिए बच्चों की आदतें खराब कर रहे हैं । आज विद्या अर्थ कारी ही हो गई है। बड़े-बड़े शहरों में पढ़ने जा रहे हैं। पढ़ने के बाद विदेश चले जाते हैं। हमारी प्रतिभाये विदेशी जा रही हैं। अध्यात्म अहिंसा के कारण हमारा देश विश्व गुरु बन सकता है। आप लोगो को शिक्षा, चिकित्सा, के लिए प्रत्येक नगर में व्यवस्था करना चाहिए। जैसे आप घर दुकान मंदिर बनाते हैं। वैसे ही इस प्रकार के केंद्र बनाना चाहिए। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा लें मुनि श्री विमल सागर जी ने कहा कि जब देखते हैं कि यह नगर प्यासा है। तो आपको कुछ देने का प्रयास करते हैं ।आचार्य श्री को बहुत सी दीक्षाये दे देना चाहिए। जिससे प्रत्येक नगर में साधुओं के प्रवास मिल जाये। नारी के अंदर इतनी शक्ति होती है। कि वे तीर्थंकर को जन्म देती है ।ऐसी बरेली नारियां होती है जो यह सोचती है कि हमारी संतान धर्म की पताका फहराये। आज भी हम अच्छी भावना भाये और संतान को संस्कार दें। हमें देश, धर्म की चिंता नहीं है बस अपनी चिंता है। धर्म की रक्षा की भावना माता-पिता बनाएंगे तो वह आप की भी रक्षा करेगा। आप एक अच्छा स्कूल नहीं खोल सकते हैं क्याॽ आपका धन बाहर जा रहा है। आप यहां एक अच्छा स्कूल खोले। शिक्षा देने वाली यदि संस्कारित नहीं होंगे तो बच्चों के अंदर संस्कार कैसे आएंगे। यदि बच्चा संस्कारित होगा तो भटकेगा नहीं। प्रत्येक नगर में नियम होना चाहिए कम से कम 30 मिनट के लिए बच्चों को पाठशाला जरूर भेजें। धर्म सभा में अरुण घुरा, प्रभात खामखेड़ा,अमर चौधरी, दीपक चौधरी, प्रवीण चौधरी, हिमांशु जैन, आदि मौजूद थे इस अवसर पर करेली पाठशालाओं की शिक्षिकाओं एवं कमेटी का सम्मान किया गया
*प्रेषक*
*लकी चौधरी*
*9806909015*

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